कोमल ©तुषार पाठक

 वह मेरी कोमल सी सास है, 

वह मेरी कोमल अहसास हैं। 

उसकी आँखे है कोमल, 

और उसका मन है कोमल, 

उसका गुस्सा हैं कोमल सा, 

उसकी अदाय है कोमल सी

उसकी आवाज़ है कोमल सी, 

और उसका चेहरा हैं कोमल सा। 

उसकी जुल्फे कोमल सी

और उसके मुस्कुराहट कोमल सा। 

वह कोमल पंख की तरह हैं, 

और उसकी आत्मा कोमल पुष्प की तरह, 

उसका नाम है कोमल!


         ©तुषार पाठक

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लेखनी दिवस प्रतियोगिता ©लेखनी परिवार

कहानी-पूजा के फूल ©संजीव शुक्ला

बहुत है ©परमानन्द भट्ट

लेखनी दिवस निमंत्रण ©सम्प्रीति