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तोटक छंद - आशुतोष वंदना ©रजनीश सोनी

नमन माँ शारदे नमन लेखनी  तोटक छंद वर्णिक  छंद,   सलगा  × 4 (IIS×4) रुचि ब्याल कराल सु माल गले।  शुचि  बालक चन्द्र ललाट भले।।  लट  छोर  जटा  अटवी  जिनके।  शिव का  अनुराग  जगे  सबके।।  द्युति भाल  विशाल  त्रिनेत्र लसे।  विषपुच्छक  कुण्डल कर्ण फॅसे।।  भव तारणि  जान्हवि शीश झरे। मन  शंभु   सदा  अनुराग  भरे।।  डमरू  डमकार   निनाद   करें।  कर  शस्त्र विशेष  त्रिशूल  धरें।।  कटि में  अजिनाम्बर  ही  पहने।  शिव शंभु   रहें   उर  में  अपने।।  हर आसन  ब्याघ्र  सु-चाम करें।  वृष- वाहन  संग   सदा  विचरें।।  बस  भूत  भयङ्कर  हैं  जिनके।  मन  रे.!   शरणागत  हो  उनके।।  रति-नाह   विदाहक  मान  हरें।  जग के  हित में  विषपान  क...

तोमर छंद - महाभारत युद्ध ©के एम कौस्तुभ

नमन माँ शारदे नमन लेखनी छंद - तोमर चरण - 4 (2-2 चरण सम मात्रिक) मात्रा - 12 अंत - गुरु, लघु (SI) अनिवार्य कलक्रम - 2+7+3 (SI) शीर्षक - महाभारत युद्ध  कर धनुष बाजू पट्ट ,  धरु मारु बोलहिं भट्ट । बह रही शोणित धार , पर करें जय जयकार । गज भिड़हिं गज सों आय , धरि चरण पटकहिं धाय । बिन मुण्ड धड़ बिन सुंड , फटि परहिं ज्यों दधि कुण्ड । सब वीर महिमा मण्ड , शर घालि कर शत खण्ड । भिड़ परहिं होकर कुद्ध , कर रहे भीषण युद्ध । असि चलहिं विद्युत चाल । करि छिन्न ग्रीवा भाल ।  तम छा गया घनघोर ।  रण क्षेत्र गुंजित शोर ।   © के एम " कौस्तुभ "

दिनकर वाग्भूषण प्रतियोगिता परिणाम

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नमन माँ शारदे नमन लेखनी सभी को सादर नमस्कार। जैसा कि आप सभी को ज्ञात है, दिनकर जयंती के उपलक्ष्य में लेखनी परिवार द्वारा ' किसान ' विषय पर ' दिनकर वाग्भूषण प्रतियोगिता' का आयोजन करवाया गया था। प्रतियोगिता में हमें अत्यंत उत्कृष्ट, भावों से परिपूर्ण गीत, कविता, छंद आदि प्राप्त हुए। निश्चित ही आज के युग में ऐसी विरली रचनाएँ पढ़कर दिनकर जी भी खुश होते होंगे। ऐसी प्रतियोगिताओं में सबसे कठिन कार्य होता है इन रत्नों में से कुछ रचनाओं का चयन कर पाना। किन्तु नियमानुसार चयन अनिवार्य था। सभी रचनाकारों को उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य के लिए गगन भर शुभकामनाएं। लेखनी परिवार आगे भी ऐसी साहित्यिक गतिविधियां आयोजित करवाता रहेगा, जिसमें आपकी सहभागिता अपेक्षित रहेगी। सभी विजेता रचनाकारों को हृदयतल से बधाई, शुभकामनाएं। ✨✨🎉🎊 दिनकर वाग्भूषण प्रतियोगिता परिणाम: प्रथम (दिनकर रत्न) - आ० के. एम. मिश्र 'कौस्तुभ' जी द्वितीय (दिनकर वाग्विभूषण) - आ० रश्मि शुक्ल 'किरण' जी तृतीय (दिनकर किरणमौलि) - आ० मुकुल शर्मा जी एवं आ० विजयलक्ष्मी जांगिड़ 'विजया' जी

गीत- दिनकर ©सुविधा पंडित

नमन माँ शारदे नमन लेखनी  रामधारी सिंह 'दिनकर' की काव्य-लेखनी 16,11 मात्रा, अंत गुरु लघु ' रश्मिरथी  '-सी जब दिनकर की, कलम बनी हृदयांश।  ' समर शेष है ' 'कुरुक्षेत्र ' का, प्रकट किया दिव्यांश।। राष्ट्र-व्यथा, जनमानस दुख को, गाती बन कर गीत। ' द्वन्द्व गीत'   की भाषा खनकी, 'परम्परा'   की जीत।। काव्य कर्म 'प्रण-भंग'   न हो अब,  करें राष्ट्र निर्माण। ' परशुराम की पूर्ण प्रतीक्षा ' संकल्पित निर्वाण।। चार दिशाएँ अनुगुंजित हैं, लेखन का सारांश। ' रश्मिरथी'.... ।। राजनीति को दिशा दिखाई जातिवाद को भूल। युगधर्मी  ' हुंकार' भरी लिख, शोषण को निर्मूल।। ओज-क्रांति-आक्रोश लिये थी, लेखन की वह धार। संवेदन था अति विशिष्टतम, कुछ अनुपम शृंगार।। चिंतन-मनन प्रसाद गुणों से, विस्तृत हर अक्षांश।  '  रश्मिरथी'....  ।। नवयुवकों! जंजीर तोड़ दो, अभिशापित परतंत्र। अलंकरण भारत माँ का हो,नव स्वतंत्रता मंत्र।। यही कहे हर रचना उज्ज्वल, 'चक्रव्यूह ' को तोड़। चलें 'उर्वशी'   से लेकर हम, राह 'रेणुका' मोड़।।   '...

हिंदी दिवस प्रतियोगिता परिणाम

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  हिंदी दिवस पर आयोजित छंद लेखन प्रतियोगिता के परिणाम। इस प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रदत्त विधाता छंद पर सभी रचनाकारों ने विधाता छंद पर आधारित सुंदर सृजन कर हमें भेजे। चयन निश्चित रूप से कठिन था। सभी विजेता रचनाकारों को अनंत शुभकामनाएं। सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की शुभकामनाएं💐 रचनाएं एवं रचनाकार * प्रथम - आ० रश्मि शुक्ल 'किरण' जी* नमन लेखनी  विधाता छंद आधारित गीत मधुर भाषा सहज बोली, हमारा मान है हिंदी। अगण इसमें विधाएंँ हैं, गुणों की खान है हिंदी।। सुग्रंथों में प्रवाहित हो, रही है ज्ञान की गंगा। करे हर चित्त को निर्मल,मनोबल को रखे चंगा।। लिखे साहित्य हैं अगणित, अनेकों ही विधाएंँ हैं। सुवासित ग्रंथ हैं पावन, विदूषी सी ऋचाएंँ हैं।। प्रवाहित हो रही सुर में,सुरीली तान है हिंदी। मधुर भाषा सहज बोली, हमारा मान है हिंदी।। व्यथित कोमल द्रवित हृद में,बरसता आ गया सावन। मिले स्वर साथ में व्यंजन,सुघड़ अक्षर हुए पावन।। खिले नव छंद से उपवन,अनोखी बह रही सरिता। पहन कर भाव के भूषण, अलंकृत हो गई कविता।। प्रचुर भंडार शब्दों के,अतुल विद्वान है हिंदी। मधुर भाषा सहज बोली, हमारा मा...

लेखनी स्थापना दिवस प्रतियोगिता परिणाम

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नमन माँ शारदे नमन लेखनी सभी को सादर नमस्कार। जैसा कि आप सभी को ज्ञात है, लेखनी स्थापना दिवस 2025 के उपलक्ष्य में लेखनी परिवार द्वारा 'राजनीति' विषय पर कविता/गीत/गद्य/छंद प्रतियोगिता एवं 'सियासत' हर्फ़ पर ग़ज़ल प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया था। प्रतियोगिता में हमें अत्यंत उत्कृष्ट गीत, गद्य, कविता, छंद एवं ग़ज़लें पढ़ने को मिली। निश्चित ही पढ़कर साहित्यिक हृदय प्रसन्न हो उठा। ऐसी प्रतियोगिताओं में सबसे कठिन कार्य होता है इन रत्नों में से कुछ रचनाओं का चयन कर पाना। किन्तु नियमानुसार चयन अनिवार्य था। सभी रचनाकारों को उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य के लिए गगन भर शुभकामनाएं। लेखनी परिवार आगे भी ऐसी साहित्यिक गतिविधियां आयोजित करवाता रहेगा, जिसमें आपकी सहभागिता अपेक्षित रहेगी। सभी विजेता रचनाकारों को हृदयतल से बधाई, शुभकामनाएं। ✨✨🎉🎊 कविता / गीत / गद्य / छंद प्रतियोगिता प्रथम - आ० कामना पाण्डेय जी एवं आ० मधु झुनझुनवाला जी द्वितीय - आ० अवधेश आशुतोष जी तृतीय - आ० मुकुल शर्मा जी एवं आ० प्रिया ओमर जी ग़ज़ल/नज़्म प्रतियोगिता प्रथम - आ० सुविधा पंडित जी द्वितीय - आ० सुमन ओमानिया तरंगिणी जी ए...

लेखनी दिवस प्रतियोगिता २०२५ - लेखनी परिवार

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ग़ज़ल, नज़्म प्रतियोगिता नियमावली - ग़ज़ल या नज़्म का दिया गया विषय है “सियासत”। आप ग़ज़ल में “सियासत” लफ़्ज़ को रदीफ़, क़ाफ़िया, या किसी मिसरे के किसी भी लफ़्ज़ की तरह प्रयोग में ले सकते हैं या “सियासत” लफ़्ज़ को उनवान बनाकर नज़्म कह सकते हैं।  - ग़ज़ल में काफ़िया (तुकांत) एवं रदीफ़ (पदांत) शाइर अपनी स्वेच्छा अनुसार रख सकता है एवं ग़ज़ल का बा-बह्र होना अनिवार्य है।  - नज़्म का उनवान के इर्द-गिर्द होना अनिवार्य है।  - निर्णायक मंडल लेखनी परिवार से ही होगा एवं निर्णायक मंडल के सदस्य इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगे। उनके सिवा कोई भी, किसी भी उम्र का लेखक प्रतियोगिता में भाग ले सकता है। - ग़ज़ल या नज़्म का स्वरचित एवं अप्रकाशित होना अनिवार्य है। - निर्णायक मंडल का निर्णय  अंतिमहोगा। -लेखक गण अपनी ग़ज़ल/नज़्म 4 सितंबर 2025 रात्रि 12 बजे से पहले लेखनी की मेल आई.डी.- lekhanisahitya@gmail.com पर अपने परिचय के साथ भेजें। - विजेता ग़ज़लकारों/नज़्मकारों को लेखनी परिवार की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किये जाएंगे एवं उनकी ग़ज़ल/नज़्म उनके परिचय के साथ लेखनी के आगामी संकलन में प्रकाशित होगी। छंद, कविता, गीत एवं...