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अवसाद ! ©मानवेन्द्र सिंह

क्या है अवसाद,  मन की पीड़ा,  या फिर,  कुछ मन का न हो पाने की तड़प,  क्या है अवसाद,  ज्ञान का अभाव,  या जल्द हार मान लेने की समस्या,  क्या है अवसाद,  हर काम को चुटकियों में सफल बनाने की ललक,  या फिर,  मैं ही श्रेष्ठ का दम्भ,  हार को स्वीकार न कर पाना,  क्या ये है अवसाद,  अवसाद मन की कोई वेदना है, या  शारीरिक हार्मोन का कोई खेल जिसे इंसान समझ नही पाता, और उलझ जाता है एक गहरे भँवर में  उसी में ही फँस जाता है,जैसे कोई मकड़ी जालबुन कर,अपने शिकार को मार देती है।। जरूरत है आपको संवाद की,  अंतरात्मा से वाद विवाद की,  एक हार से विचलित न होने की,  अध्यात्म से आत्मसात होने की,  अवसाद स्वयं से दर्शन का साधन है, जरूरत है जीवन का,  अकेले में रहकर,  स्वयं को सम्पूर्ण करने का,  अवसाद में ही तो भाव प्रकट होते है,  इंसान सबकुछ पन्नो पर उगल कर,  मन की पीड़ा को शांत कर लेता है,  और एक नए खोज में निकल कर,   अपने को पुनर्जीवित कर लेता है।।           ...

चाय और यादे ©मानवेन्द्र सिंह

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तेरी यादों को आज शाम बुलाया मैंने चाय उनको भी मेरे साथ पिलाया  मैंने जैसे तुझको मैं परेशान किया करता था बातों बातों में खूब उनको भी सताया मैंने देर का कर के बहाना,उठ के जाने लगीं फंसा के बातों में फिर उनको बिठाया मैंने रूठ गयी वो भी तुम्हारी तरह मुझसे हाथ जोड़कर उनको भी मनाया मैंने क्या करूँ तुम्हारी यादे ही तो बची है  आज फिर उनसे ही काम चलाया मैंने                                                 ©मानवेन्द्र सिंह                                                              Pic credit: सात्विका

"बेटियां" ©मानवेन्द्र सिंह

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 बाप के हर दुख में साथ होती है, माँ का दूसरा हाथ होती है "बेटियां" दादा(नाना) के आंखों की चमक तो दादी(नानी) के लिए खास होती है "बेटियां"।। जो बचपन मे ही बड़ी हों जाती, ऐसी जिमेदार होती है "बेटियां"।। बंदिशें है,कुछ ताने बाने भी समाज के, फिर भी सपने साकार करती है "बेटियां"।। जिसकी मुस्कुराहट से थकान मिट जाती,  ऐसे खुशियो का भंडार होती है "बेटियां"।। बहुत सहेज के रखना इन्हें, ईश्वर का भेजा उपहार होती है "बेटियां"।। आओ  ऐसे स्वस्थ समाज बनाये, के फिर ना हो शर्मशार "बेटियां"।। बहुत सहेज के रखना इन्हें ईश्वर का दूसरा अवतार होती है "बेटियां"।                                             ©मानवेन्द्र सिंह                                                                              ...