"बेटियां" ©मानवेन्द्र सिंह

 बाप के हर दुख में साथ होती है,

माँ का दूसरा हाथ होती है "बेटियां"

दादा(नाना) के आंखों की चमक तो

दादी(नानी) के लिए खास होती है "बेटियां"।।


जो बचपन मे ही बड़ी हों जाती,

ऐसी जिमेदार होती है "बेटियां"।।

बंदिशें है,कुछ ताने बाने भी समाज के,

फिर भी सपने साकार करती है "बेटियां"।।


जिसकी मुस्कुराहट से थकान मिट जाती,

 ऐसे खुशियो का भंडार होती है "बेटियां"।।

बहुत सहेज के रखना इन्हें,

ईश्वर का भेजा उपहार होती है "बेटियां"।।


आओ  ऐसे स्वस्थ समाज बनाये,

के फिर ना हो शर्मशार "बेटियां"।।

बहुत सहेज के रखना इन्हें

ईश्वर का दूसरा अवतार होती है "बेटियां"।

                                            ©मानवेन्द्र सिंह

                                

                                                                        


टिप्पणियाँ

  1. Bahut sunder bhaiya 2nd para to behad sunder h or ha bitiya rani boht pyari h❤️

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  2. बहुत प्यारा लिखा हैं भैया जी

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  3. अत्यंत भावपूर्ण एवं हृदयस्पर्शी पंक्तियाँ हैं 💕😍👌👌

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  4. आप सभी का हृदयतल से धन्यवाद

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