बोलेंगे ©परमानन्द भट्ट

 जब हम नारे बोलेंगे

गूँगे सारे बोलेंगे


होठों की हर चुप्पी को

नैन हमारे बोलेंगे


अंगारों की बोली में

आँसू खारे बोलेंगे


अम्नो सुकूँ  हो बस्ती में

यह हत्यारे बोलेंगे


जिनके मन में धोखा हो

प्यारे प्यारे बोलेंगे


अँधियारे से आँख मिला

जुगनू तारे बोलेंगे


प्यार परम' गुड़ गूँगे का

क्या बेचारे बोलेंगे


©परमानन्द भट्ट

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