होगा! ©सौम्या शर्मा

 ऊंचा तुमसे भी होगा कद जिसका!

यकीनन झुक के ही मिला होगा!!


सामने था मगर खामोश था वो!

उसको मुझसे कोई गिला होगा!!


कमी बुनियाद में ही कुछ होगी!

मकां ये यूं ही कब ढहा होगा!!


मजाक जो किया था कल उसने!

क्या पता हाल-ए-दिल कहा होगा!!


रुक गई आ के लब पे बात उसकी!

जाने क्यूं होंठों को सिला होगा!!


कुछ कहो तुम तो कुछ कहें हम भी!

यूं ही बातों का सिलसिला होगा!!


है पता कांटों की चुभन का जिसे!

फूल वो बेमिसाल सा होगा!!


आंखें डबडबाई होंगी बिछड़न से!

दिल जिसे देखकर खिला होगा!!


ये जिंदगी भी क्या पहेली है!

बूझेगा,सच में जो जिया होगा!!


© सौम्या शर्मा

टिप्पणियाँ

  1. बेहद खूबसूरत भावपूर्ण 👌👌👌❤❤

    जवाब देंहटाएं
  2. बेहद खूबसूरत एवं भावपूर्ण पंक्तियाँ 👌👌👌👏👏👏

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आञ्जनेय छंद - हनुमान वंदना ©रश्मि शुक्ल 'किरण'

वो दौर ©सूर्यम मिश्र

अक्सर भूल जाते हैं ©दीप्ति सिंह

लेखनी स्थापना दिवस के उपलक्ष्य मेँ काव्य पाठ एवम मिलन समारोह ©अंजलि