वज़्न- 1222 1222 1222 1222 अजी हम भी सुख़नवर हैं... ये अक्सर भूल जाते हैं । लिखे अल्फ़ाज़ दिल पर हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । हमीं नें क़ैद रक्खा है...ज़हन में याद को अपनी, अजी यादें भी नश़्तर हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । ख़ताएँ याद कर अपनी...ये दिल नाशाद रहता है, मगर हालात बेहतर हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । भले ही उम्र ढल जाए...मगर बचपन नहीं जाता, हज़ारों ख़्वाब भीतर हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । हमें इंसान ही रहने... दिया जाए तो बेहतर हो, जो ख़ुश देवी बनाकर हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । हज़ारों ख़्वाहिशें औरत... दफ़न करती है सीने में, के उसके हक़ बराबर हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । मुहब्बत है अगर दिल में ...तो इज़्जत हो निगाहों में, जो ख़ुश रिश्ते निभाकर हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । हमारे चैन की ख़ातिर... सुक़ूँ मिलता नहीं जिनको, खड़े सरहद पे डटकर हैं... ये अक्सर भूल जाते हैं । मुनासिब तो नहीं होता...किसी को दर्द दे देना, छुपे लफ़्ज़ों में ख़ंज़र हैं...ये अक्सर भूल जाते हैं । लगाते हैं बड़े ही शौक़...से इल्ज़ाम ग़ैरों पर, नज़र उनकी भी हमपर हैं...ये अक्सर भू...
अद्भुत अप्रतिम सृजन सर जी 👌👌👌💐💐💐
जवाब देंहटाएंBahut Sundar rachna Sirji 👌👏
जवाब देंहटाएंहार्दिक आभार तुषार जी
जवाब देंहटाएंउम्दा सृजन👌👌
जवाब देंहटाएंअप्रतिम सुंदर 👌🏼👌🏼🙏🙏🙏
जवाब देंहटाएंअत्यंत सुंदर रचना सर 👏🏻👌🙏🙏
जवाब देंहटाएंअद्भुत अप्रतिम 👌👌👌👏👏👏🙏
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंअद्भुत सृजन 🙏
जवाब देंहटाएं👌👌👌
जवाब देंहटाएंOoo... Very nice Sir ji...🙏👌✨
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