मेरा परिचय ©सरोज गुप्ता

मन की वेदना मुझसे पूछे

मेरा परिचय, मैं क्या हूँ  ॽ

इधर-उधर में बिखर गई मैं

कटी पतंग का जीवन हूँ ।।


टूटे विश्वासों का परिचय

टूटी आशा का क्रंदन हूँ ।

अपनी भूलों की परछाई

पीड़ा का अभिनन्दन हूँ ।।


काले  रंगों  की  रंगोली

इक विरहन की सिसकी हूँ   ।

टूटे फूटे  स्वप्न के  टुकड़े

यादों की इक हिचकी हूँ ।।


बीते जगत की याद समेटे

उसके प्रेम का दर्पण हूँ ।

सूखे अश्रु की सरिता मैं

अब बसंत की पतझड़ हूँ ।।


वाणी का संगीत मधुर मैं

इक प्रणयी की कविता हूँ ।

और नहीं कुछ मेरा परिचय

अपने प्रीतम की प्रतिमा हूँ ।।


                                  @सरोज गुप्ता

टिप्पणियाँ

  1. Apne preetam ki pratima ko sarakho pe saaj rakhta hu....sare jag ki nirali ma ko hriday se pradam karta hu...

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  2. अत्यंत संवेदनशील एवं भावपूर्ण रचना 💕👌👌

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  3. आप सभी का हृदयतल से धन्यवाद

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