मेरा परिचय ©सरोज गुप्ता
मन की वेदना मुझसे पूछे
मेरा परिचय, मैं क्या हूँ ॽ
इधर-उधर में बिखर गई मैं
कटी पतंग का जीवन हूँ ।।
टूटे विश्वासों का परिचय
टूटी आशा का क्रंदन हूँ ।
अपनी भूलों की परछाई
पीड़ा का अभिनन्दन हूँ ।।
काले रंगों की रंगोली
इक विरहन की सिसकी हूँ ।
टूटे फूटे स्वप्न के टुकड़े
यादों की इक हिचकी हूँ ।।
बीते जगत की याद समेटे
उसके प्रेम का दर्पण हूँ ।
सूखे अश्रु की सरिता मैं
अब बसंत की पतझड़ हूँ ।।
वाणी का संगीत मधुर मैं
इक प्रणयी की कविता हूँ ।
और नहीं कुछ मेरा परिचय
अपने प्रीतम की प्रतिमा हूँ ।।
@सरोज गुप्ता
Apne preetam ki pratima ko sarakho pe saaj rakhta hu....sare jag ki nirali ma ko hriday se pradam karta hu...
जवाब देंहटाएंबहुत धन्यवाद विपिन जी 🙏
जवाब देंहटाएंएक आह निकलती है। बेहतरीन।🙏🙏🙏
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत आभार आपका 🙏🙏
हटाएंअत्यंत संवेदनशील एवं भावपूर्ण रचना 💕👌👌
जवाब देंहटाएंधन्यवाद आपका दीप्ती जी 🙏🙏😘😘
हटाएंउत्तम
जवाब देंहटाएंधन्यवाद आशीष जी 🙏🙏😘😘
हटाएंबहुत बहुत खूबसूरत रचना
जवाब देंहटाएंबहुत धन्यवाद आपका दीदी 🙏🙏😘😘
हटाएंWaaaaah ❤️❤️mastttttt likha di
जवाब देंहटाएंthank you so much gopal ji 🙏🙏😘😘
हटाएंवाह वाह बहुत उम्दा 💐💐💐
जवाब देंहटाएंthank you so much 🙏🙏😘😘
हटाएंthank you so much 🙏🙏😘😘
हटाएंthank you so much bhai ji 🙏🙏😘😘
जवाब देंहटाएंBeautiful lines
जवाब देंहटाएंthanks a lot 🙏🙏🙏
हटाएंBeautiful lines
जवाब देंहटाएंthanks a lot 🙏🙏🙏
हटाएंWaah sunder👌👌
जवाब देंहटाएंthanks a lot shashikant ji 🙏🙏😘😘
जवाब देंहटाएंबेहद खूबसूरत
जवाब देंहटाएंधन्यवाद आपका 🙏🙏🙏
हटाएंबहुत भावपूर्ण 🙏🏻👌👌
जवाब देंहटाएंशुक्रिया आपका डियर 🙏🙏💐💐
हटाएंआप सभी का हृदयतल से धन्यवाद
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