सदा मिज़ाज

 जाने का सबब मेरी रूसवाई बतला रहा था वो ‬

महफ़िल में बड़ी सादगी से पेश आ रहा था वो


‪उसकी हर बात में दम था सुर बहुत मध्यम था‬

मेरे अश्क़ों को जो  बनावटी बतला रहा था वो 


सादगी से  मैं पैरवी भी ना कर पाई थी ख़ुद की 

झूठ से हर क़दम पे मात जो खिला रहा था वो 


उसकी सादगी पर ज़माना मर मिटा था 

वार कर रहा था पर लड़ता नज़र नहीं आ रहा था वो 

                                                          @ritu chaudhry

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