जीवन ©सरोज गुप्ता

 जीवन को बहुत करीब से पहचाना है मैनें,

जीवन को कई पहलू से जाना है मैनें,

जीवन को इक सपने सा जिया है मैनें,

जीवन के कड़वे घूंट भी पिया है मैनें ।।


जीवन कामनाओं का जंजाल भी है,

जीवन भावनाओं का मकड़जाल भी है,

जीवन कभी शांत कभी वाचाल भी है,

जीवन कभी सुंदर कभी विकराल भी है ।।


जीवन किसी का एक अभिशाप सा है,

जीवन किसी का अक्षम्य पाप सा है,

जीवन किसी का विषैले सांप सा है,

जीवन किसी का धवल निष्पाप सा है ।।


जीवन हमेशा सुरीला गीत नहीं होता,

जीवन हमेशा सुगम संगीत नहीं होता,

जीवन हमेशा मन का मीत नहीं होता,

जीवन में सदा ही बस प्रीत नहीं होता ।।


जीवन एक तपस्या है जो करना पड़ता है,

जीवन एक यात्रा है जो चलना पड़ता है,

जीवन एक कर्ज है जो भरना पड़ता है,

जीवन एक संघर्ष है जो लड़ना पड़ता है ।।


 जीवन कभी शिक्षक तो कभी छात्र है,

जीवन असीमित शक्तियों का गात्र है,

देखो तो ये जीवन एक रंगमंच मात्र है,

जहां हर व्यक्ति इस रंगमंच का पात्र है ।।

 

©सरोज गुप्ता

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