कविता- क्या लिखूँ? ©रेखा खन्ना

नमन माँ शारदे

नमन लेखनी 




प्रेम गीत में क्या लिखूं ?

गर कहो तो जज्बात लिखूं।

गर कहो तो बैचेनियाँ लिखूं

गर कहो तो तुम को मोहब्बत लिखूं।


प्रेम गीत में क्या लिखूं ?

तुम कहो तो अपनी रूह लिखूं

तुम कहो तो मीठी नींद लिखूं

तुम कहो तो ख्वाब लिखूं।


प्रेम गीत में क्या लिखूं ?

तुमको अथाह सागर लिखूं

तुमको मनमोहक खुश्बू लिखूं

तुमको मधुर संगीत लिखूं।


मैं उलझ गया हूंँ

अपने ही ख्यालों में 

तुम ही तुम हो हर एहसास में

प्रेम गीत में क्या मैं तुम को 

अपनी जिंदगी लिख दूं

या फिर रूहानी सुकून लिखूं

अब तुम कहो और क्या क्या लिखूं?


©रेखा खन्ना

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