इश्क ©सौम्या शर्मा

 बस एक तुम हो, बस एक हम हैं!

बहुत खूबसूरत मुलाकात है ये!!

तुम भी हो खोए,हम भी कहीं गुम!

नये इश्क की जैसे शुरुआत है ये!!

लबों पे खामोशी, दिलों में मोहब्बत!

यकीनन कोई राज‌ की बात है ये!!

वो चंदा ये तारे भी फीके लगे हैं!

हंसीं हैं बड़े, दिल के जज़्बात हैं ये!!

तुम्हें क्या बताएं कि तुम मेरे क्या हो!

न पूछो कि क्या दिल के हालात हैं ये!!

                 © सौम्या शर्मा

टिप्पणियाँ

  1. बेहद खूबसूरत बेहद रूमानी 👌👌👌👏👏👏

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लेखनी दिवस प्रतियोगिता ©लेखनी परिवार

कहानी-पूजा के फूल ©संजीव शुक्ला

बहुत है ©परमानन्द भट्ट

लेखनी दिवस निमंत्रण ©सम्प्रीति