दोस्ती ©गोपाल
खट्टा मीठा रस भरा रिश्ता।।
बन्धनों से परे सबसे करीबी है
चाँद सितारों सा काल्पनिक महबूब नही
वो हकीकत जिंदगी की हसी है
जिंदगी के हर पड़ावों का साथी है
चाहे खुशी हो या गम फिर भी ,संभाले रखता हैं
इसमें कभी प्यार जताया नी जाता है
मस्ती में खूब हँसाया जाता है
नफरतों की जगह नही होती
मिलकर लड़ने, की एक आदत होती
कभी जो अलग भी हो जाये
दिल उनके बिना नही लगता
न वो हिस्सेदार है न वो रिश्तेदार
भले दुश्मन हजार है , वो सबके हथियार है
वो तो दिल के कर्जदार है
वो खुदा तो नही पर हर मुश्किल का हल हैं
कुछ उलझनों से वो भूल जाते है दोस्त को
पर यकीन माने वो दोस्ती कभी नही भुलाते
बिछुड़ भी जाते हमेशा के लिए
फिर भी हर रोज याद वो आ जाते
उसका होना ही , हौसला है जिंदगी का
उसका मिलना भी , किस्मतों का फैसला है
वो प्यारा दोस्त हैं जो जग से न्यारा है
©sh_gopal
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जवाब देंहटाएंWaah bahut khoob👌👌
जवाब देंहटाएंधन्यवाद आपका निशा जी 💐💐
हटाएंAmazing Bhai 👌👌👌
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद तुषार भाई ...ऐसे ही लेखनी परिवार की शोभा बढ़ाते रहो 💕💕💕🙏
हटाएं👌✨✨
जवाब देंहटाएंधन्यवाद दीदी 💕💐🙏
हटाएंBahut pyara 👌👌❤️
जवाब देंहटाएंDhnywad shashi bhai 💕💐🙏
हटाएंबहुत सुंदर एवं भावपूर्ण 👌👌👌
जवाब देंहटाएंधन्यवाद दी 💕💐💐💐🙏
हटाएंधन्यवाद मेरे भाई ❣️💕💐
जवाब देंहटाएंधन्यवाद सर जी 💐🙏
जवाब देंहटाएंआप सभी का हृदयतल से धन्यवाद
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