तोमर छंद - महाभारत युद्ध ©के एम कौस्तुभ
नमन माँ शारदे
नमन लेखनी
छंद - तोमर
चरण - 4 (2-2 चरण सम मात्रिक)
मात्रा - 12
अंत - गुरु, लघु (SI) अनिवार्य
कलक्रम - 2+7+3 (SI)
शीर्षक - महाभारत युद्ध
कर धनुष बाजू पट्ट ,
धरु मारु बोलहिं भट्ट ।
बह रही शोणित धार ,
पर करें जय जयकार ।
गज भिड़हिं गज सों आय ,
धरि चरण पटकहिं धाय ।
बिन मुण्ड धड़ बिन सुंड ,
फटि परहिं ज्यों दधि कुण्ड ।
सब वीर महिमा मण्ड ,
शर घालि कर शत खण्ड ।
भिड़ परहिं होकर कुद्ध ,
कर रहे भीषण युद्ध ।
असि चलहिं विद्युत चाल ।
करि छिन्न ग्रीवा भाल ।
तम छा गया घनघोर ।
रण क्षेत्र गुंजित शोर ।
© के एम " कौस्तुभ "
अनुपम तोमर छंद सृजन। उत्कृष्ट वर्णन💐💐
जवाब देंहटाएंसुन्दर सटीक तोमर छंद रचना, नमन लेखनी l 🙏
जवाब देंहटाएंबेहतरीन... साधुवाद...🙏🙏💐
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