गजल ©सौम्या शर्मा

 धड़कनें कुछ यूं सुनाया कीजिए!

नाम मेरा गुनगुनाया कीजिए!!


जिंदगी कम है गमों के वास्ते,

आप खुल के मुस्कुराया कीजिये,


नफरतों की उम्र छोटी है बहुत,

प्यार लेकर पेश आया कीजिए,


रूह को राहत मिलेगी,बस किसी,

रो रहे को चुप कराया कीजिए,


मंजिलें खुद रास्ता देंगी कभी,

हौसले भी आजमाया कीजिए,


उस खुदा को याद रखिए हर घड़ी,

वो भी इक रिश्ता निभाया कीजिये l

      © सौम्या शर्मा

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गीत- साँवरे न आए ©गुंजित जैन

छंद -सवैया ©संजीव शुक्ला

कोई हो अगर तो बताना ©तुषार पाठक

तोमर छंद - महाभारत युद्ध ©के एम कौस्तुभ