मणिमय भारत ©नवल किशोर सिंह

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 


भूमंडल में सबसे न्यारा ।

मणिमय भारत देश हमारा ।।


आर्षजनों की धरा सुहावन।

सत्य सनातन प्रज्ञा पावन ॥

सकल भुवन में गूँज अपरिमित,

अनुनाद अलौकिक ओंकारा ।

मणिमय भारत देश हमारा ॥


दीप्ति दिव्य मेधा में जागे ।

बनके तुरग तिमिर तम भागे ॥

अरुण किरण फूटे पूरब में,

फैले अग-जग में उजियारा । 

 मणिमय भारत देश हमारा ॥


विद्रुम वैभव कनक कलश से ।

पुलक पात नित सिद्धि हुलस से ॥

स्वयं रमा रमकर करती है,

नित वैभव को जहाँ निहारा।

मणिमय भारत देश हमारा ॥


हिमगिरि उन्नत सिर नभतल में।

सागर सविनय है पगतल में।

अभिसिंचित करती है हरदम

कलकल सुरसरि अमरित-धारा।

मणिमय भारत देश हमारा ॥


-© नवल किशोर सिंह


टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गीत- साँवरे न आए ©गुंजित जैन

छंद -सवैया ©संजीव शुक्ला

कोई हो अगर तो बताना ©तुषार पाठक

तोमर छंद - महाभारत युद्ध ©के एम कौस्तुभ