गणपति वंदना ©दीप्ति सिंह
गं गणपते गणनायका, वंदन सुमंगल दायका ।
हे विघ्नराज विनायका, वंदन सुजान सहायका ।
करते प्रथम आराधना,शिव-शक्ति सुत की साधना ।
निर्मल करे जो भावना,पावन करे जो कामना ।
छवि पावनी अति मोहका,आभा प्रकाशित कोटिका ।
गं गणपते गणनायका,वंदन सुमंगल दायका ।
सदबुद्धि विद्या ज्ञान दें,सन्मार्ग का वरदान दें ।
संतान पर प्रभु ध्यान दें, जग को नवीन विहान दें ।
हे मोह मद के मारका,अभिमान के संहारका ।
गं गणपते गणनायका,वंदन सुमंगल दायका ।
हे विघ्नहर्ता देवता, भव पार कीजै खेवका ।
निर्विघ्न संतन काज हो, सदभावपूर्ण समाज हो ।
वर दीजिये जग पालका,शुभ-लाभ के संचालका ।
गं गणपते गणनायका,वंदन सुमंगल दायका ।
©दीप्ति सिंह "दीया"
Ganapti Bappa Moriya 🙏
जवाब देंहटाएंबहुत-बहुत शुक्रिया आपका तुषार 😊💐 जय श्री गणेश 🙏
हटाएंअप्रतिम अद्भुत वंदना🙏🙏🙏 नमन
जवाब देंहटाएंअतिशय आभार आपका गुंजित 😊💐
हटाएंजय श्री गणेश 🙏
अतिसुंदर प्रार्थना...वन्दे वाणी विनायकौ
जवाब देंहटाएंतहे-दिल से शुक्रिया आपका डियर 💕😊🙏💐
हटाएंनमन 🙏🏻🙏🏻🙏🏻
जवाब देंहटाएंअतिशय आभार आपका 🙏😊💐
हटाएंBahut sundar 👌👏
जवाब देंहटाएंबहुत-बहुत शुक्रिया आपका 🙏😊💐
हटाएंअति सुंदर वंदना 🙏
जवाब देंहटाएंअतिशय आभार आपका आदरणीय 😊🙏💐
हटाएंबहुत ही सुंदर 👌👌
जवाब देंहटाएंतहे-दिल से शुक्रिया आपका डियर 🙏💕😊💐
हटाएंविघ्नराज की जय 🙏अद्भुत 👏👌
जवाब देंहटाएंहृदय तल से आभार आपका😊💕🙏💐
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