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लघुकथा/कहानी लेखन प्रतियोगिता- लेखनी मास प्रतियोगिता

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 लेखनी मास प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रथम प्रतियोगिता के रूप में लेखनी परिवार लाया है लघुकथा/कहानी लेखन प्रतियोगिता। लघुकथा हेतु विषय:- घरौंदा  कहानी हेतु विषय:- द्वंद नियमावली:- केवल 4 अप्रैल 2025, 11:59 PM से पहले भेजी गई रचनाएँ ही मान्य होंगी। आप केवल एक लघुकथा/कहानी भेज सकते हैं। आपकी कहानी/लघुकथा का स्वरचित होना अनिवार्य है।   प्रतिभागी अपनी रचनाएं फॉर्म के द्वारा पीडीएफ प्रारूप में (शीर्षक के साथ) भेज सकते हैं।  दिए गए विषय को ही शीर्षक बनाना अनिवार्य नहीं, किन्तु लघुकथा/कहानी का दिए गए विषय पर होना अनिवार्य है। आप अपने अनुसार शीर्षक दे सकते हैं। ध्यान रखें कि आपकी रचना में किसी प्रकार की अश्लीलता या अभद्रता न हो और किसी समुदाय या धर्म विशेष को आहत न करती हो।  

होली विषयक प्रतियोगिता के परिणाम

लेखनी परिवार द्वारा होली पर्व पर होली विषयक प्रतियोगिता का आयोजन सफल रहा। सभी रचनाकारों की एक से एक उत्कृष्ट रचनाएं आईं, जिनमें से विजेता चुन पाना निश्चित रूप से निर्णायकों के लिए बहुत कठिन था, किन्तु नियमानुसार विजेता चुनना अनिवार्य था। अतः प्रतियोगिता के परिणाम एवं विजेता रचनाएं कुछ इस प्रकार हैं:- प्रथम स्थान 1.  आ० सुविधा पंडित जी होली-गीत मत्तगयन्द सवैया आधारित फागुन की पिचकारि चली सत रंग रँगी धरती इठलाई। पीत कुसुंब ललाम व श्वेत खिले नव पुष्प मही गदराई।। फागुन से मिल झूम उठी पुरवा शुचि शीतल मंद सुहाती। किंशुक की छवि लाल-ललाम कि यौवन-कानन को दहकाती।। गाल गुलाल लिखे नव छन्द न साजन से सजनी बच पाई। फागुन की...।। होठ गुलाब व गाल गुलाब कि गात गुलाब-लदी जिमि डाली। रंग गुलाल दिखे किस भाँति प्रिया-मुख शोभित है निज लाली।। वो मुख से लट को तन से पट को झटका-झटका इतराई। फागुन....।। बेध रहा मन को अब मन्मथ रंग पगे जब बाण चलाए। नैनन के घट से मदिरा छलका-छलका कर प्रीति बढ़ाए।। पुष्प-सुवासित नीर झरा कर प्रीतम ने सजनी महकाई। फागुन.....।। रंग-गुलाल उड़े प्रिय नाच रहे तक-ता-धिन देकर ताली। झूम रहे हँसत...