घनाक्षरी - हिंदी ©रजनीश सोनी

नमन, माँ शारदे

नमन, लेखनी


 

भारत की भूमि में ये हो रहा है शंखनाद,

'हिन्दी'  राष्ट्रभाषा बने  जनता  पुकारती।


लिखने में बोलने में  भाव के  संप्रेषण में, 

सदा ही  समर्थ  रही  शब्द शक्ति  भारती।


सागर सी धारणा भाषाओं को सहेजने में, 

अपना पराया  भाव  कभी  ना  विचारती।


हर भाषा-भाषी इसे सीख लें सहज में ही, 

गर्व करो  हिन्दी की  उतारो सभी  आरती।

©रजनीश सोनी


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