गणपति वंदना ©दीप्ति सिंह
गं गणपते गणनायका, वंदन सुमंगल दायका । हे विघ्नराज विनायका, वंदन सुजान सहायका । करते प्रथम आराधना,शिव-शक्ति सुत की साधना । निर्मल करे जो भावना,पावन करे जो कामना । छवि पावनी अति मोहका,आभा प्रकाशित कोटिका । गं गणपते गणनायका,वंदन सुमंगल दायका । सदबुद्धि विद्या ज्ञान दें,सन्मार्ग का वरदान दें । संतान पर प्रभु ध्यान दें, जग को नवीन विहान दें । हे मोह मद के मारका,अभिमान के संहारका । गं गणपते गणनायका,वंदन सुमंगल दायका । हे विघ्नहर्ता देवता, भव पार कीजै खेवका । निर्विघ्न संतन काज हो, सदभावपूर्ण समाज हो । वर दीजिये जग पालका,शुभ-लाभ के संचालका । गं गणपते गणनायका,वंदन सुमंगल दायका । ©दीप्ति सिंह "दीया"