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गीतिका छंद- शौर्य गीत ©रश्मि शुक्ल 'किरण'

नमन माँ शारदे नमन लेखनी   छंद -गीतिका चरण- 4, दो दो चरण समतुकांत कुल मात्रा- 26 तीसरी, दसवीं, सत्रहवीं, चौबीसवीं मात्रा लघु अनिवार्य।  यति 14,12 चरणान्त लघु गुरु। वीर सैनिक भारती के, हो रही जयकार है। शौर्य गाथा सैन्य दल की,कह रहा संसार है।। कुछ निहत्थों पर चलाई,शत्रुओं ने गोलियांँ। खेलने सैनिक चले तब,खून की हैं होलियाँ।। मौत से वो खेलते हैं,जान की बाजी लगा। पस्त करते दुश्मनों को,शत्रु रह जाता ठगा।। याद बरसों तक रखेंगे, यूंँ भरी हुंकार है। शौर्य गाथा सैन्य दल की,कह रहा संसार है।।१। हम युगों से ही अमन की,बात करते आ रहे। मान जा ए खल जिहादी,हम तुझे समझा रहे।। पालते आतंक को जो,पा रहे देखो  सजा। अब न रोकी धृष्टता तो,युद्ध ही समझो रजा।। पापियों को जो मिटाए,राष्ट्र का शृंगार है। शौर्य गाथा सैन्य दल की,कह रहा संसार है।। ध्वज सदा लहरा रहा है,भारती की शान में। जाँ लुटाते सुत सुता हैं,भारती की आन में।। आखिरी चेतावनी है,पाक बतला दें तुम्हें। है तबाही हर तरफ ही,शौर्य दिखला दें तुम्हें।। सुन विजय की नाद प्यारे,जीत की टंकार है। शौर्य गाथा सैन्य दल की,कह रहा संसार है।।३।। ©रश्मि शुक्...

गीत- हिंदुस्तानी सेना ©सुविधा पंडित

वीर/आल्हा छंद कुल मात्रा 31,  16,15 पर यति अंत गुरु लघु अनिवार्य हिंदुस्तानी सेना आई, महाकाल का ले अवतार। सिंह गर्जना से गीदड़ के, झुंडो में है हाहाकार।। कायर ने बेटी बहनों की, माँगों से पौंछा सिन्दूर। उसकी ही माटी में खूँ की, खेलेंगे होली भरपूर।। केसरिया बाने में निकले, तीनों सेनाओं के शेर। दिन गिन लो प्रतिशोध-अगन में, स्वाहा करने भर की देर।। देश प्रेम की ज्वाला उर में, दहके आँखों में अंगार। धर्म युद्ध यह कलयुग का है, चलता पुनः 'सुदर्शन चक्र' । हर कुत्सित चेष्टा को रौंदा, रिपु की हुई दृष्टि जो वक्र।। चींटी-सा मसला ड्रोनों को, अफ-सोलह कर शक्ति विहीन। रक्षा कवच बेध कर अरि का, दशा बना दी है अति दीन।। साहस हिम्मत के हाथों में, हम लेकर चलते हथियार। गौरवान्वित हूँ आज स्वयं पर, जन्मभूमि मम हिंदुस्तान। नाम सुनेगा भविष्यत में तो, काँपेगा थर-थर शैतान।। इस माटी ने जने सदा ही, लुटे देश पर वीर जवान। सिन्दूरी संकल्प हमारा, तन न्योछावर माँ की शान।। उपद्रवी आतंकी की अब, शर्मनाक निश्चित है हार।  ©सुविधा पण्डित

लेखनी मास प्रतियोगिता परिणाम

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सभी को सादर नमन। जैसा कि सभी को ज्ञात है, लेखनी परिवार द्वारा आयोजित लेखनी मास प्रतियोगिता का आयोजन 28 मार्च 2025 से 25 अप्रैल 2025 तक हुआ। इसके अंतर्गत लघुकथा/कहानी प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता, गीत प्रतियोगिता एवं छंद प्रतियोगिता में हमारे पास कई रचनाएँ आईं जो उत्कृष्ट थी, संग्रहणीय थीं। निर्णय करना अत्यंत कठिन था किंतु नियमानुसार निर्णय लेना आवश्यक था। विजेताओं की सूची इस प्रकार है। क) लघुकथा/कहानी लेखन प्रतियोगिता-दिनांक 28 मार्च 2025 से 4 अप्रैल 2025  लेखनी परिवार से विजेता:- 1. आ० गुंजित जैन जी 2.  आ० लवी द्विवेदी 'संज्ञा' जी 3. आ० सौम्या शर्मा जी अन्य विजेता:-  1. आ० कार्तिक अग्रवाल जी 2. आ० मधु झुनझुनवाला 'अमृता' जी 3. आ० अनन्या तिवारी जी विशिष्ट:- आ० ऋतिका चौधरी जी आ० सृष्टि स्वरूपा जी आ० धीरेंद्र "सोंटी" जी आ० सफ़ी सिद्दीक़ी जी ख) कविता लेखन प्रतियोगिता-दिनांक 4 अप्रैल 2025 से 11 अप्रैल 2025 लेखनी परिवार से विजेता:- 1. आ० ऋषभ दिव्येन्द्र जी 2. आ० लवी द्विवेदी जी 3. आ० सौम्या शर्मा जी अन्य विजेता:-  1. आ० सुविधा पंडित जी 2. आ० अनन्या तिवारी जी 3. आ० क...