बेटियां ©सौम्या शर्मा

 सच कहूं प्यार की हैं डगर बेटियां!

खुशनसीबी का कोई शजर बेटियां!!


आंसू पीकर हमेशा हंसीं मायके!

मां- पिता की उतारें नजर बेटियां!!


क्या लगाएगी दुनिया भला मोल ये!

मीठे संगीत का कोई स्वर बेटियां!!


ठीक हो या ग़लत सब ही ये झेलतीं!

रख रहीं कौन सा ये जिगर बेटियां!!


शुक्र तेरा खुदा मेरी झोली में दी!

लाख रातों की कोई सहर बेटियां!!

                  ©  सौम्या शर्मा

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