लेखनी ©गुंजित जैन

 मंच यह लेखन का, साहित्य के वंदन का,

कवियों के चिंतन का, एक चारु द्वार है।


समसि की कंपन का, कर्णप्रिय गुंजन का, 

शब्द, भाव सिंचन का, सुंदर विचार है।


गुणवान यौवन का, प्रौढ़ता, संवेदन का, 

गीत और गायन का, मिलन साकार है।


हर्षण का, क्रंदन का, सृजन की गर्जन का,

गुंजित के जीवन का, लेखनी ही सार है।

©गुंजित जैन

टिप्पणियाँ

  1. अहा अति सुंदर, भावपूर्ण एवं सार्थक सृजन❣️❣️🌹🌹
    गुंजित के जीवन का, लेखनी ही सार है ❣️❣️❣️❣️

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  2. सार्थक सटीक सराहनीय सुन्दर सृजन

    जवाब देंहटाएं

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