ख्वाहिशें ©सम्प्रीति

 किसी ने मुझसे पूछा कि इश्क लिखती हो

महोब्बत है क्या किसी से?

अब.. लिखती तो हूँ..

पर मेरी ख्वाहिशें पूरी कर सके ऐसा अभी कोई मिला नहीं,

बहुत बड़ी ख्वाहिशें रखती हो शायद जो अभी तक कोई मिला नहीं,

तो हमने कहा.......

कि वफा करे हर हाल में ये ख्वाहिश तो नहीं,

पर बेवफाई ना करे, एक ऐसा शख्स चाहिए...

हर वक्त साथ रहे ये चाहत नहीं,

पर जब हो तो बस मेरा ही हो, एक ऐसा शख्स चाहिए...

नहीं चाहती कि बिन कहे सब समझ जाए,

पर जब कहूँ कि i need you तो दौड़ा चला आए,

रोऊं तो भले ही चुप ना करा पाए,

पर 'मैं हूँ ना' कहकर झट से गले लगा ले, ऐसा शख्स चाहिए..

नहीं चाहती कि मेरे अलावा किसी से बात ना करे,

पर दिल में बस मेरा ही नाम हो, एक ऐसा प्यार करने वाला चाहिए..

ख़ुशी सांझा करे ना करे,

पर जब दुःखी हो तो बस मुझे ही याद करे,

दुनिया के सामने प्यार जाहिर चाहे ना करे,

पर अकेले में सीने से लगाकर 'सिर्फ तुमसे प्यार है' कहे,

लोग चाहे जो कहें, 

पर मेरे होने पर वो गर्व महसूस करे,

और जो जबरदस्ती नहीं मेरी मर्जी को समझ सके,

ऐसे दिल वाला चाहिए...


ख्वाहिशों की list थोड़ी लम्बी है,

तो शायद ऐसा कोई ना मिले,

गर मिले कोई ऐसा.. तो शब्दों से लेकर दिल तक की कतरा-कतरा महोब्बत उनके नाम कर दूं।

  -©सम्प्रीति


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